← Back to list

प्रेम in everything, Part 1

“तनुजा, तनुजा!” गेट के बाहर निकल कर कोई तनुजा को आवाज दे रहा था। ओर तनुजा खिड़की से बाहर देखते हुए ना जाने कोनसे ख्यालो में खोई हुई थी।…

Prem Stories · 2025-04-04 09:44 · 0 claps · 4.6 min read
#love-story-in-hindi #romance #college-love #prem #storytelling
Open on Medium ↗
Wiki topics: LIT · Literature & Writing 💑 · Relationships

lovप्रेम in everything, Part 1

Prem Stories and love stories

Prem Stories and love stories

“तनुजा, तनुजा!” गेट के बाहर निकल कर कोई तनुजा को आवाज दे रहा था। ओर तनुजा खिड़की से बाहर देखते हुए ना जाने कोनसे ख्यालो में खोई हुई थी। अचानक से उसने गेट की तरफ देखा जहां से उसे खुद का नाम सुनायी दे रहा था। गेट पर खड़ा था एक सांवले रंग का पतला-सा लड़का। वह तनूजा को आवाज दे रहा था और उसे क्लास के अंदर बुला रहा था क्यूंकि क्लास Start होने वाली थी।

यह लड़का अंशु था जो तनूजा के साथ कोचिंग करता था। तनूजा अंशु की आँखों की और देखती है पर न जाने क्यों ऐसा लग रहा था की वो नजरे चुरा रहा है। एक पल तनूजा उसे देखती है और अपनी सीट से खड़े होकर क्लास में जाती है, उससे पहले अंशु क्लास में चला जाता है।

जैसे ही टीचर पढ़ाना स्टार्ट करता है क्लास के सारे बच्चे उस पर ध्यान देने लगते है पर अभी भी तनुजा की आँखों में कई सवाल थे, वो बस अंशु को बिच-बिच में देख रही थी। और अंशु इस प्रकार अभिनय कर रहा था जैसे टीचर का पढ़ाया उसे सब आता हो। अगर सीधी भाषा में बोले तो किसी लड़की को इम्प्रेस करने के लिए ऐसा कर रहा था। 😉 1 घंटे बाद क्लास पूरी हो जाती है।

टीचर : “जितना आज क्लास में पढ़ाया है सब कल याद करके आना। “

और इतना कहकर क्लास से चले जाते है। क्लासेज कम्पलीट होने के बाद सभी घर जाने लगते है। तनूजा का घर कोचिंग से 4km दूर था तो वह अकेली ही घर के लिए निकल जाती है।

रस्ते में अंशु अपनी बाइक तनूजा के सामने रोकता है और कहता है “ बैठो आपको घर तक छोड़ देता हु। “

तनूजा बिना कुछ बोले बाइक पे बैठ जाती है, वह अपना बेग खुद के और अंशु के बिच में रखकर बैठती है।

रस्ते में अंशु उससे बाते कर रहा था , पर एक भी बात तनूजा को समझ नहीं आ रही थी क्यूंकि अंशु बहुत धीमी आवाज में आधी-अधूरी बाते बोल रहा था। और बात करते-करते घर भी पास में आ गया। पर अंशु बाइक को तनूजा के घर के 100 मीटर पहले ही रोक लेता है, यह कहते हुए “आगे रवि का घर है, अगर उसने हमें साथ देख लिया तो बाते बनाएगा। आप यही से घर चली जाओ। “ इतना कहते ही तनूजा बाइक से उतर जाती है और घर की तरफ जाने लगती है।

रवि अंशु का बचपन का दोस्त था वो कुछ इस प्रकार का लड़का था की बाते इधर — उधर करने में माहिर था।

चलो अब हम जानते है की ये अंशु और तनूजा है कौन ?… आप भी इतनी देर से सोच ही रहे होंगे तो चलिए जानते है बिना किसी देरी के ….. 😁

तनूजा — एक बहुत ही साधारण लड़की जो मिडिल क्लास फैमिली से आती है। इस दौर की लड़कियों से उसे कोई बराबरी नहीं करनी, वह बस अपने साधारण से सूट-कुर्ते में ही बहुत खुश है। चार साल से एक ही बेग से काम चला रही है। उसे आजकल की लड़कियों की तरह मेकअप का शोक तो नहीं है पर वो चाहती है की कभी तो वो उन लड़कियों की तरह सज-धजकर रहे। पर मिडिल क्लास फॅमिली से है तो ये सब कैसे?…… खेर ! उसके सपने बहुत बड़े है वो अपने मां-पापा को वो सब कुछ देना चाहती है जो उन्होंने उसकी पढ़ाई और जीवन पर खर्च कर दिए।

और दिखने गेहू रंग की त्वचा, काले-भूरे लम्बे बल, और आँखे जैसे तुम बस एक सवाल करो वो अपनी मन की दास्ताँ बता देगी, चेहरा थोड़ा-थोड़ा गोल और कद यही कोई 5 फ़ीट।

अब चलिए जानते है अंशु के बारे में — एक सांवला-सा पतला-सा लड़का, लम्बाई यही कोई 6 फीट, आँखे जैसे सूरजमुखी की पंखुड़ियाँ, चेहरे पे ऐसे भाव की मुस्कुराकर सबको अपना दीवाना बना दे। अंशु थोड़ा शर्मीला और बेबाक लड़का है, वो भी एक हाई क्लास Family से बिलोंग करता है और दिमाग से बहुत शातिर है पर दिल का साफ है। दिखने में बहुत साधारण but सज-संवरकर रहने का बहुत शौकीन। ज्यादा बड़े शौक तो नहीं है पर सज-संवरकर रहने और healthy खाने का शौकीन है। साधारण से दिखने वाले लोगो से उसे बहुत प्यार है।

अपनी सारी जिम्मेदारियों को बखूबी निभाता है हा पर पढ़ाई में इतने अच्छे मार्क्स नहीं ला पाता है। उसे खाने-पिने, आने-जाने, उठने-बैठने हर एक चीज़ का सेन्स है। इमोशंस को भली भांति समझ जाता है। कुल मिलाकर अंशु किसी भी आमिर-से-आमिर और साधारण लड़की का ड्रीम बॉय है। “Dream Boy” आजकल बहुत चलन में है।

पर अंशु इतना सेंस रखने वाला लड़का तनूजा को अपनी बाते साफ तरीके से क्यों नहीं कहता है और तनूजा जिसके इतने बड़े सपने है वो इस “Dream Boy” को बार-बार क्यों देख रही थी। क्या ये दोनों एक-दूसरे को पहले से जानते है या फिर ये इनकी पहली ही मुलाकात थी ? क्या पता !!!! 💁

तो चलते है उसी कहानी के दूसरे सफर पर जहा हम जानने वाले है अंशु और तनूजा के पास्ट के बारे में। तो आप लोगो को जानकर हैरानी होगी की ये दोनों एक-दूसरे को बचपन से जानते थे। but, but ये क्या। ….. ये दोनों एक दूसरे के साथ इतना अजीब behave क्यों कर रहे थे। 😑

तो चलिए आगे जानते है की आखिर मामला क्या है ?

तनूजा और अंशु एक-दूसरे को बचपन से जानते थे दोनों स्कूल टाइम से एक-दूसरे को जानते थे। बचपन में अंशु तनूजा को पसंद करता था, नहीं नहीं मेरा मतलब है बचपन से पसंद है।

वो उससे बात भी करने की कोशिश करता था और पता है वो बात भी क्या करता था -

अंशु : “तुम कोनसी क्लास में पढ़ती हो?”

तनूजा :”मैं 6th में पढ़ती हु और तुम ?”

अंशु : “मैं भी”

पर इससे आगे कभी बात नहीं हुई और नन्हे बच्चे आखिर बात करे भी तो क्या करे ?

खैर आजकल तो 10 साल के बच्चे को भी इश्क़ — विश्क सब पता होता है। …….. 😁

दोनों अब बड़े हो चुके थे, तनूजा 9th में और अंशु भी तो 9th में ही है। .. मेरा मतलब क्लास में। यह से शुरू होता है दोनों के इश्क़ का मंजर। तनूजा जब भी स्कूल से आती-जाती अंशु को उसकी नजरे ढूंढती ही रहती थी। और अंशु, उसका तो पढ़ाई से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है, बस क्रिकेट खेलने में माहिर, और अंशु को करियर की ज्यादा चिंता नहीं थी क्यूंकि उसके पापा बहुत अच्छी संस्था में थे।

अंशु जब क्रिकेट खेलता उसकी एक नजर तो तनूजा कहि दिख जाती तो उसी पर रहती थी। पहले तो ये भावना केवल अंशु के मन में थी लेकिन अब तनूजा को भी यह feelings महसूस होने लगती है। वो मन-मन में अंशु को पसंद करती है पर उसे कभी कह नहीं पाती थी क्यूंकि वो सोचती थी की वो मुझसे या मेरे प्यार को कभी accept नहीं करेगा….

Puri Story — https://premstoriesblog.blogspot.com/2025/01/prem-is-everything-part-1-1.html


메타데이터
post_id
57a656d1c247
slug
प्रेम-in-everything-part-1-57a656d1c247
url
https://medium.com/@premstories/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE-in-everything-part-1-57a656d1c247
canonical_url
https://medium.com/@premstories/%E0%A4%AA%E0%A5%8D%E0%A4%B0%E0%A5%87%E0%A4%AE-in-everything-part-1-57a656d1c247
author_url
https://medium.com/@premstories
status
ok
fetched_at
2026-06-26 03:39:16