← Back to list

My best experience of Basic Rock Climbing in Swami Vivekananda Institute of Mountaineering (In…

स्वामी विवेकानंद इंस्टिट्यूट माउंटेनियरिंग. एक नई जगह,नए लोग,एक नया अनुभव था,मेरे लिए। मैंने इतनी खुशी कभी महसूस ही नहीं की थी । ऐसा लग…

The Travel Boy · 2020-05-31 14:17 · 53 claps · 3.0 min read
#svim #rock-climbing #mount-abu #mountaineering #brc
Open on Medium ↗
Wiki topics: 🏔️ · Outdoor & Adventure

My best experience of Basic Rock Climbing in Swami Vivekananda Institute of Mountaineering (In Hindi )

स्वामी विवेकानंद इंस्टिट्यूट माउंटेनियरिंग. एक नई जगह,नए लोग,एक नया अनुभव था,मेरे लिए। मैंने इतनी खुशी कभी महसूस ही नहीं की थी । ऐसा लग रहा था, कि कुछ अधूरा है , जो पूरे होने वाला था। वैसे मैंने कभी हॉस्टल लाइफ नहीं जी थी, लेकिन इस इंस्टीट्यूट की वजह से वह मौका भी मुझे मिल ही गया था।

उस दिन मैं निकल पड़ा था, माउंट आबू के उन नशीले पहाड़ों में । मेरा बी.आर.सी का कोर्स करने के लिए , मेरी जिंदगी की एक नई सफर के लिए…

हम 28 स्टूडेंट्स थे, और हमारी जिंदगी का एक बेहतरीन अनुभव शुरू होने वाला था, इस कोर्स के साथ…

हम सब ने पहले दिन से हमारा सफर शुरू कर दिया था। उन वादियों में, कुछ नया सीखने के लिए , कुछ नया महसूस करने के लिए, कुछ नया नए तरीके से जीने के लिए। पहले दिन हम अधर देवी (अर्बुदा देवी) के मंदिर पर गए , फिर वहां से शांति शिखर गए थे, वहां हमारे इंस्ट्रक्टर ने पूरा माउंट आबू का व्यू दिखाया। ऐसा लग रहा था कि, हम सब ऊपर हैं और पूरा जहां हमारे नीचे हो। फिर लिमडीकोठी कि गुफा में केविंग भी की।

क्लाइम्बिंग तो मानो ऐसे सीख रहे थे , कि जैसे हम सफलता को चढ़ना सीख रहे हो। बिले ने हमें एक दूसरे को रक्षण देना सिखाया,इंस्टिट्यूट वाले जितना ब्रेकफास्ट करवाते थे इंस्टिट्यूट वाले जितना ब्रेकफास्ट करवाते थे उस से 10 गुना ज्यादा एक्सरसाइज करवा कर वसूल करते थे । हमें पनिशमेंट भी मिलती थी,देर से आने के लिए, लेकिन वह हमें समय, का डिसिप्लिन का महत्व समझाती थी। जब इंस्ट्रक्टर क्लाइम्बिंग का डेमो दे रहे थे, तब ऐसे चल रहे थे मानो कोई सीधा रास्ता हो। रैपलिंग हमें हमारे अंदर अभिमान से नीचे उतारना सिखाती है, जब हमें रैपलिंग करते समय थोड़ा झुकना पड़ता है , वैसे ही जीवन में हम थोड़े नम्र बन जाए तो हम अभिमान से नीचे उतर सकते हैं और सफलता के शिखर क्लाइंबिंग करके सर कर सकते हैं।

गिरते संभलते थोड़ा सीखते सीखते हैं हमें क्लाइंबिंग, रैपलिंग थोड़ी-थोड़ी आने लगी थी। हमारा आत्मविश्वास आसमान छू रहा था।

इतनी ठंड में पसीना छुटा दे ऐसी एक्सरसाइज, रात को हंसा हंसा कर पेट दर्द करवा दे ऐसी एसेंबली, जो जीवन में ऊपर उठना सिखाएं ऐसी क्लाइंबिंग, जो जीवन में नम्र होना सिखाएं ऐसी रैपलिंग,अंधेरी का डर दूर कराये वह नाइटट्रैक और जो दूसरों को रक्षण देना सिखाएं वह बिले। बहुत कुछ सिखाया इन 10 दिनों में उस कोर्स ने, उन्ह इंस्ट्रक्टर ने, इस इंस्टीट्यूट ने…

जब हम क्लाइंब करना पक्का सीख गए तो, फिक्स रोप पे क्लाइंब करना सिखाया, ये यह दर्शाता है कि जब आप अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर आकर सफलता प्राप्त करेंगे तो वह अवश्य मिलेगी।

प्रकृति की खुशबू को महसूस करना, उन पहाड़ों में मैगी खाना, नए दोस्त बनाना जो एक परिवार बन जाये…मुझे यह सब कुछ हमेशा याद रहेगा।

Thank you SVIM

Aniruddh M.Thakor

BRC — 698 , SVIM


메타데이터
post_id
9dbc4af85fee
slug
my-best-experience-of-basic-rock-climbing-in-swami-vivekananda-institute-of-mountaineering-in-9dbc4af85fee
url
https://medium.com/@thakoraniruddh383/my-best-experience-of-basic-rock-climbing-in-swami-vivekananda-institute-of-mountaineering-in-9dbc4af85fee
canonical_url
https://medium.com/@thakoraniruddh383/my-best-experience-of-basic-rock-climbing-in-swami-vivekananda-institute-of-mountaineering-in-9dbc4af85fee
author_url
https://medium.com/@thakoraniruddh383
status
ok
fetched_at
2026-07-29 01:30:10