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इस्लाम की दृष्टि से ब्रह्मांड की रचना (Creation of the Universe from the point of view of Islam)-

इस्लाम, अल्लाह को एकमात्र ईश्वर के रूप में देखता है और अल्लाह बेचून अर्थात निराकार है। वे मानते हैं कि वह दुनिया का निर्माता, नियंत्रक और…

Jain Study Point · 2023-08-12 11:59 · 0 claps · 1.2 min read
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इस्लाम की दृष्टि से ब्रह्मांड की रचना (Creation of the Universe from the point of view of Islam)-

इस्लाम, अल्लाह को एकमात्र ईश्वर के रूप में देखता है और अल्लाह बेचून अर्थात निराकार है। वे मानते हैं कि वह दुनिया का निर्माता, नियंत्रक और संयोजक है। वे कुरान शरीफ/मज़ीद को सबसे पवित्र ग्रंथ मानते हैं जो अल्लाह ने अपने पैगंबर मुहम्मद को दिया था।

कुरान शरीफ — सूरत फुरकान 25:53 — और वही है जिसने दो दरियाओं को मिलाया (मिला कर चलाया) यह (इस तरफ का पानी) खुशगवार शीरीं है और यह (दूसरा) तल्ख़ बदमज़ा है, और उसने उन दोनों के दरमियान(एक गैर महसूस पर्दा और मजबूत आड़ बनाई।

कुरान शरीफ के ज्ञान दाता कहते हैं, कि अल्लाह ने छह दिनों में पूरी सृष्टि का निर्माण किया और सातवें दिन तख़्त पर जा विराजा। उसने ही पृथ्वी और आकाश के बीच की सारी चीज़ें बनायीं। वह अल्लाह कबीर ही है, जिसने दो प्रकार की दरियाओं को बना दिया, एक का पानी मीठा है, प्यास बुझाने के लिए, तो दूसरा नमकीन और कड़वा है, दोनों के बीच एक विभाजन भी सुनिश्चित कर दिया।

कुरान शरीफ — सूरत फुरकान 25:54 — और यह वही है जिसने पानी के बशर हमें पैदा किया। फिर बनाये हमारे नसब (नसबी रिश्ते) और ससुराल। तेरा रब क़ुदरत की ताक़त वाला है।

ये (अल्लाह) वह है जिसने मनुष्य को पानी की एक बूंद के साथ बनाया और उसे किसी का बेटा या बेटी, बहु या दामाद बना दिया, और आपका भगवान अत्यंत सक्षम है।

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메타데이터
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