SH Shashank Singh 🕉️ श्लोक (Chapter 4, Verse 7) यदा यदा हि धर्मस्य ग्लानिर्भवति भारत। अभ्युत्थानमधर्मस्य तदात्मानं सृजाम्यहम्॥
SU Suresh Kumar -- भागवत रहस्य - 413 -- किसी की आकृति और त्वचा का रंग मत देखो। त्वचा का चिंतन करना पाप है। महात्मा रंग-आकृति नहीं-पर (परमात्माकी) कृति देखते है। आकार मन में विकार…