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कर्म सम्भल कर कीजिए | रामायण के दो प्रसंग | KARMA | THINK TWICE WHILE DOING ANY KARMA

कर्म रुपी कड़ियों से जुड़कर मानव जीवन बनता है। ‘जैसा कर्म वैसा जीवन’ यह अकाट्य सत्य है। हम जो कुछ करते हैं मानो बीज बोते हैं, जो कालांतर में…